कोरबा (पब्लिक फोरम)। कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा-3 और 5 के तहत सख्त कदम उठाते हुए दो व्यक्तियों को जिला बदर करने का आदेश जारी किया है। आदेश के तहत दिलीप कुमार मिरी (37 वर्ष) और किशन दिनकर (26 वर्ष) को 24 घंटे के भीतर कोरबा और आसपास के जिलों से बाहर जाने का निर्देश दिया गया है।
क्यों लिया गया यह सख्त निर्णय?
जिला प्रशासन के मुताबिक, दिलीप कुमार मिरी, निवासी मानिकपुर चौकी, और किशन दिनकर, निवासी परसाभाठा वार्ड नंबर 41, बालकोनगर, के खिलाफ बार-बार समाज में शांति भंग करने और कानून व्यवस्था के लिए खतरा बनने की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे मामलों पर नियंत्रण करने और जिले में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया गया है।
एक साल तक इन जिलों में नहीं कर सकेंगे प्रवेश
कलेक्टर के आदेश के अनुसार, दोनों व्यक्तियों को कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों की सीमाओं से भी एक वर्ष की अवधि के लिए दूर रहना होगा। इस अवधि में किसी भी परिस्थिति में बिना वैधानिक अनुमति इन जिलों की सीमा में प्रवेश करना प्रतिबंधित होगा।
आदेश का पालन न करने पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर अजीत वसंत ने स्पष्ट किया कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और संबंधित अधिकारियों को इसकी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
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प्रशासन का कड़ा संदेश
यह कदम समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि असामाजिक तत्वों के लिए कोरबा में कोई जगह नहीं है। प्रशासन का यह फैसला स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने और शांति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक गंभीर कदम है।
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