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रविवार, नवम्बर 30, 2025
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मोदी के शासनकाल में देश में बेरोजगारी बढ़ी है: नंदी

कोरबा (पब्लिक फोरम)। प्रति वर्ष दो करोड़ नए रोजगार देने की घोषणा कर सत्ता पर काबिज हुई मोदी सरकार के शासनकाल में देश में बेरोजगारी की दर में बेतहाशा वृद्धि हुई है। हाल ही में विश्वबैंक के ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
आज एक प्रेस बयान जारी कर राजमिस्त्री मजदूर रेजा कुली एकता यूनियन के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष सुखरंजन नंदी ने बताया कि विश्वबैंक के रिपोर्ट के मुताबिक आज हमारे देश में बेरोजगारी दर हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन से भी अधिक है। विश्व के रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में जहां भारत में बेरोजगारी दर 23.22 प्रतिशत रही है। वही पर हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में बेरोजगारी की दर 11.3 प्रतिशत, बांग्लादेश में 12.9 प्रतिशत, भूटान 14.9 प्रतिशत, चीन में 12 प्रतिशत, इंडोनेशिया में 13 प्रतिशत थी।
विश्व बैंक की यह रिपोर्ट मोदी राज में रोजगार के अवसर में वृद्धि होने की तमाम दावों को झूठा साबित करता है।

श्री नंदी ने कहा कि मोदी राज में देश में उद्योग बंद हो रहे हैं। उद्योग में नए विनियोग नही होने के कारण देश की औद्योगिक विकास दर में लगातार गिरावट आ रही है और नए रोजगार के तमाम अवसर समाप्त होते जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास के नाम पर श्रमिको को प्रशिक्षण दिए जाने के बाद भी प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार कहीं पर नही मिल रहा है।उपर से कौशल विकास केंद्रों का निजीकरण सरकारी आवंटन राशि का हेराफेरी करने का मौका को बढ़ावा दिया गया है।
मजदूर नेता ने कहा कि मोदी सरकार की मुद्रा ऋण योजना से छोटे एवम लघु उद्योग को कोई विशेष लाभ नही मिला है।
मोदी के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया के प्रचार से देश में युवा पीढ़ी को बेरोजगारी की भयानक समस्या से कोई निजात नही दिला पाया है।

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