भिलाई (पब्लिक फोरम)। सेंटर आफ स्टील वर्कर्स संबद्ध ऐक्टू द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका मजदूरों की समस्याओं पर बातचीत करने के लिए मई दिवस की पूर्व संध्या पर बरसते पानी में 30 अप्रैल को सेक्टर 6 में बैठक हुई. बैठक की शुरुआत मजदूर आंदोलन के दौरान शहीद हुए साथियों को 01 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि से हुई .ऐक्टू द्वारा जारी मई दिवस 2023 के आह्वान का पाठ किया गया।
बैठक में बताया गया कि ठेका श्रमिकों को समय पर वेतन, वेतन पर्ची ,न्यूनतम मजदूरी,बोनस ,छंटनी हर्जाना, ग्रेच्युटी इत्यादि नहीं मिलता है. श्रमिकों ने कहा कि यूनियन में संगठित होने पर काम से निकालने की धमकी दी जाती है और काम से भी निकाल दिया जाता है।
बैठक में कहा गया कि इस वर्ष हम भारत में 100वां मई दिवस मना रहे हैं .1986 में शिकागो अमेरिका के श्रमिकों के बलिदान के 37 वर्षों बाद भारत में पहला मई दिवस 1923 को चेन्नई के मरीना बीच पर कामरेड सिंगार वेलर द्वारा मई दिवस का झंडा पारा कर मनाया गया था. मई दिवस 8 घंटे के कार्य दिवस और साथ ही अन्य तमाम अधिकारों को हासिल करने के लिए मजदूर वर्ग के बलिदान के के दिन को चिन्हित करता है।
बैठक में आगे कहा गया कि मोदी के 9 साल का शासन रिकॉर्ड तोड़ बेरोजगारी और महंगाई के साथ-साथ डूबती अर्थव्यवस्था ,बड़े पैमाने पर छंटनी और वेतन में कटौती ,तालाबंदी और बंदी, घटती मजदूरी ,कमजोर होती सामाजिक सुरक्षा ,भयानक रूप से बढ़ती गरीबी, भूख और असमानता अंधाधुंध ठेकाकरण, निजी करण और देश की संपत्ति को बेचना रहा है।
बैठक में बृजेन्द्र तिवारी ,वासुकी प्रसाद उन्मत,धुलेश्वर साहू, आरपी चौधरी ,धनंजय प्रसाद ,टीकाराम चुनारकर ,रमेश साहू ,अशोक मिरी, रूपेश कोसरे,श्रवण निर्मलकर ,रामेश्वर पटेल ,ननकू राम ढीमर ,नारद राम निषाद ,डी वी विष्णु चरण, अजय कुमार ,आकाश गायकवाड ,संजय टंडन ,सुजीत कुमार ,दिलीप बंजारे, राज कन्वरे,योगेशवर नवरंगे ,देवानंद चौहान आदि लोगों ने भाग लिया।
बैठक में बढ़ती बेरोजगारी एवं छंटनी, मजदूरी में भीषण गिरावट, निजी करण ,गुलामी की श्रम कोडों और दमनकारी राज के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।
भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका श्रमिकों की समस्याओं को लेकर ऐक्टू ने की बैठक
RELATED ARTICLES





Recent Comments