कांकेर (पब्लिक फोरम)। मई दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिला कांकेर ( बस्तर )में मजदूरो ने रैली निकालकर सभा की एवम प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा ।
सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के नेता देवचंद भास्कर ने कहा कि भाजपा सरकार मजदूरो के सभी अधिकारों को छीन लेना चाहती है जो लंबे संघर्ष के बाद श्रमिकों ने हासिल किए थे।
1886 मे अमरीका के मजदूरो ने दिन मे 8 घंटे काम का समय निर्धारित करने के लिए कानून बनाने की मांग करते हुए आंदोलन की शुरूआत की थी।मजदूरो के इस संघर्ष को कुचलने के मालिकों के भाड़े की पुलिस ने मजदूरो पर गोलीबारी की।जिसमे 6 मजदूर शहीद हो गये थे एवम अनेकों मजदूर घायल हो गये थे।

मई दिवस के साथ दिन मे 8 घंटे काम की मांग का सीधा संबंध था।आज हमारे देश मे केन्द्र की सरकार श्रम कानूनों को समाप्त कर श्रम संहिता बनाया है।इस श्रम संहिता लागू होने के बाद मालिकों को मजदूरो से दिन मे 12 घंटे काम लेने का अधिकार हासिल हो जायेगा एवम मजदूरो का अधिक शोषण होगा।
पूजीपतिओ की आर्थिक संकट के इस दौर मे उनके मूनाफा की रफ्तार को जारी रखने के लिए मोदी सरकार श्रम कानूनों को समाप्त कर देना चाहती है।
नेता ने कहा कि मोदी सरकार मजदूरो के संगठित आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से ही ट्रेड यूनियन पंजीयन को कठोर ( पैंचिदा )बनाया जा रहा है।
मजदूर नेता ने कहा मजदूरो को विभाजित करने के लिए ही संघ परिवार समाज को साम्प्रदायिकता का जहर से कलूषित कर रही है।आखिर भाजपा एवम संघ पुंजिपतिओं के लूट के मार्ग को ही प्रशस्त करना चाहती है।
नेता ने मजदूरो से लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने का आव्हान किया ।

सभा के बाद मजदूरो का एक रैली निकालकर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम दो अलग अलग ज्ञापन सौपा गया । सभा को संगठन के सचिव ओमप्रकाश देवांगन,उपाध्यक्ष नजीब कुरैशी,बासुदेव दास व पुरूषोत्तम मरकाम ने संबोधित किया।





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