मंगलवार, जून 18, 2024
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विस्थापित किसानों की पंचायत 30 जून को बांकी मोंगरा में


छत्तीसगढ़ किसान सभा गांव गांव में कर रही है बैठक किसान पंचायत में 15 गांव के भू विस्थापित किसान जुटेंगे ”


भूविस्थापित किसान पंचायत में जमीन वापसी के साथ अन्य समस्याओं पर चर्चा कर आंदोलन की बनेगी रूप रेखा “

कोरबा : एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के भूविस्थापित एवं प्रभावित गांव के किसानों की पंचायत छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में 30 जून को बांकी मोंगरा में आयोजित की गई है पंचायत के संबंध में किसान सभा के कार्यकर्ता एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के प्रभावित गांव गांव का दौरा कर प्रभावितों से मिलकर समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं और किसानों को पंचायत की जानकारी दे रहें है।

भूविस्थापित और किसानों के पंचायत को लेकर सुराकछार बस्ती,रोहिना, मडवाढ़ोढा,बांकी बस्ती,गांव में बैठक आयोजित हुआ बैठकों में पंहुचकर किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, प्रशांत झा,दीपक साहू,प्रताप दास,नंदलाल कंवर ने किसानों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए पंचायत की जानकारी दी।

किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर ने बैठकों को संबोधित करते हुए कहा कि 50-60 सालों बाद भी एसईसीएल प्रभवित गांव में सड़क,बिजली, पानी,स्कूल,स्वास्थ्य, स्ट्रीट लाईट, जैसी मूलभूत सुविधाओं से प्रभावित गांव के लोग वंचित हैं एसईसीएल केवल अपने उत्पादन पर केंद्रित रहता है उसे प्रभावित गांव के विकास से कोई मतलब नहीं है। इसके लिए सभी प्रभावित गांव के किसानों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।


किसान सभा के जिला सहसचिव दीपक साहू ने कहा कि एसईसीएल खदान खोलने के लिए पूर्व में किसानों से जबरिया जायदे जमीन को कौड़ियों के मोल पर अधिग्रहण किया था जिसकी जरूरत एसईसीएल को नहीं थी आज भी जमीनें एसईसीएल संस्थान के लिए अनुपयोगी है और 50 सालों बाद भी जमीनों पर किसानों का कब्जा है और किसान उस पर खेती किसानी कर रहे हैं ऐसे अनुपयोगी जमीनों को मूल खातेदार किसानों को वापस करना चाहिए जिस प्रकार बस्तर में किसानों की जमीन वापस की गई।


किसान सभा के जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि पंचायत में एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित अनुपयोगी जमीन को मूल किसानों को वापस करने, डिप्लेयरिंग के कारण किसानों के जमीनों को हुए नुकसान का प्रभावित किसानों को मुआवजा और जमीन को खेती योग्य बनाने और ठीक नहीं होने पर पुनर्वास नीति के तहत अधिग्रहण कर किसानों को पुनर्वास नीति के तहत सुविधा देने, जिला खनिज न्यास निधि डीएमएफ फंड से खनन प्रभावित गांव में शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार के साथ मूलभूत सुविधाओं के लिए खर्च करने,भू विस्थापित परिवारों को भू विस्थापित प्रमाण पत्र देने की मांग,बेरोजगारों को वैकल्पिक रोजगार देने पर चर्चा कर आगे आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी पंचायत में एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के 15 गांव के भू विस्थापित किसान शामिल होंगे।


गांव गांव के बैठकों में प्रमुख रूप से सत्रुहन दास, लखपत दास, अर्जुन दास, गणेश चौहान, सावित्री चौहान, रमा,सुराज सिंह कंवर, नवल सिंह कंवर, बृजपाल कंवर, बैशाखू राम चौहान,रामायण सिंह कंवर, रामेश्वर सिंह कंवर शामिल हुए गांव गांव में बैठक जारी है।

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