होमकोरबापुनर्वास ग्रामों के सम्मेलन में गूंजा हक अधिकार की मांग

पुनर्वास ग्रामों के सम्मेलन में गूंजा हक अधिकार की मांग

सभी ग्रामों में सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट बनाकर सौपी जाएगी मांगपत्र

कोरबा/दीपका (पब्लिक फोरम)। दीपका परियोजना अंतर्गत पुनर्वास ग्राम विवेकानंद नगर बेलटिकरी बसाहट के पंचायत भवन के प्रांगण में एसईसीएल कोरबा, कुसमुंडा गेवरा और दीपका के पुनर्वास ग्रामो का वृहद सम्मलेन आयोजित किया गया । इस सम्मेलन का आयोजन भुविस्थापितों और किसानो के बीच कई सालों से सक्रिय ऊर्जाधानी भुविस्थापित किसान कल्याण समिति ने किया था । महात्मा गांधी ,डॉ आंबेडकर शहिद भगत सिंह की तैल चित्र पर पुष्प अर्पण और छत्तीसगढ़ की राजगीत के साथ सम्मेलन का शुरुआत की गई ।

सम्मेलन को सबोन्धित करते हुए संगठन के अध्यक्ष सपूरन कुलदीप ने कोरबा जिले में आद्योगिकीकरण के संदर्भ में विस्तार से बताते हुए कहा कि जिले में सन 1960 से अब तक कोयला खदान समेत अन्य औद्योगिकीकरण के कारण विस्थापन की समस्या और उद्योगों से प्रभावितों के सामने आए संकट और विकास के नाम पर विनाश की भेंट चढ़कर बदतर होते चले जा रही है, उन्होंने जमीन अर्जन के बदले मिलने वाली रोजगार से वंचित पीड़ितों, कोल इंडिया की अपनी पालिसी लागू कराने के बाद उत्पन्न स्थिति, पुनर्वास नीति नियमो का उलंघन होने, जबरिया अधिग्रहण और विस्थापन, मुआवजा की समस्या, सर्वसुविधा युक्त बसाहट की व्यवस्था नही होने तथा सन 1980 के अर्जन के बाद लंबित पड़े रोजगार गांवों के आंशिक अधिग्रहण से उत्पन्न होने वाली समस्या, जिला खनिज न्यास निधि का दुरुपयोग बंद कर वास्तविक ग्रामों और प्रभावितों के शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के लिए खर्च सुनिश्चित करने प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगारो को सबंधित संस्थानों में वैकलिपक रोजगार, पहले ली गयी जमीन की मियाद पूरी होने और संस्थानों के लिए अनुपयोगी जमीन को मूल खातेदारों को वापसी, पुनर्वास ग्रामों में व्याप्त मूलभूत समस्याओं तथा आबंटित भूमि का मालिकाना अधिकार पत्र जैसी अनेक मुद्दों से अवगत कराया।

उन्होंने इन मुद्दों पर संगठन की ओर से चलाए गए अनवरत आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि भुविस्थापितों की एकता से घबराए एसईसीएल प्रबन्धन , कारपोरेट और दलाल इस आंदोलन को कमजोर बनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं जिसका करारा जवाब दिया जाएगा और सदियों से जल जंगल जमीन के वास्तवविक मालिकों के साथ हुए अन्याय को अब बर्दास्त नही किया जाएगा । इसलिए यह सम्मेलन अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए आंदोलन को और तीखा करेगा।

सम्मेलन में विचार रखते हुए रविंद्र जगत चैनपुर बसाहट, विजय श्याम उपसरपंच गांधीनगर सिरकी मनीराम भारती समाज सेवी अरुण कुमार वरिष्ठ समाज सेवी, धरम कुमार झावर, सुभद्रा कंवर पूर्व सरपंच ढुरेना विजयनगर प्रकाश कोर्राम लता कंवर जनपद पंचायत अध्यक्ष कटघोरा, गोपाल बिंझवार रलिया, प्रभा पोते चैनपुर बसाहट, गणेश ऊईके झावर अनसुईया राठौर, अमगांव
गजेंद्र सिंह ठाकुर कोरबा संयोजक ललित महिलांगे मीडिया प्रभारी, सुभद्रा कंवर , विजयनगर, आदि ने सबोन्धित करते पुनर्वास ग्रामो में सभी बुनियादी सुविधाओं, किसी भी कारण से बचे रोजगार और वर्तमान में 18 साल हो युवाओँ के लिए रोजगार, महिलाओ के लिए गृह उद्योग व स्व रोजगार की व्यवस्था आदि मांगो को उठाया । अंत मे सर्वसम्मति से पुनर्वास ग्रामो में हर घर पहुंचकर एक एक बिंदुओं पर सर्वे करने और उसी आधार पर मांगपत्र जिला प्रशासन और एसईसीएल मुख्यालय में सौपने का निर्णय लिया गया । इस सम्मलेन में सर्वमंगला नगर , वैशाली नगर , यमुना नगर ,गंगानगर ,विजय नगर , विवेकानन्द नगर , गांधीनगर नेहरूनगर आदि पुनर्वास ग्रामो में दिए गए दर्जनों ग्राम के सैकड़ो प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया ।

सम्मेलन में पहुंच कर इंटक नेता दीपक दुबे ने किया समर्थन

पुनर्वास ग्रामो के सम्मेलन के बीच इंटक के प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुबे ने भी अपना समर्थन दिया और कहा कि अब आरपार की लड़ाई की जरूरत है प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों के कारण यह स्थिति निर्मित हुए है इसलिए इनको चोट करने से ही समस्याओ का समाधान निकलेगा ।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments