होमकोरबानारायणी कंपनी के खिलाफ ऊर्जाधानी संगठन ने खोला मोर्चा

नारायणी कंपनी के खिलाफ ऊर्जाधानी संगठन ने खोला मोर्चा

ठेका मजदूरों को एचपीसी दर से नहीं हो रहा मजदूरी भुगतान, कुसमुंडा महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन

कोरबा/कुसमुंडा (पब्लिक फोरम)। एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना में ओवरबर्डन के काम में लगी निजी कंपनी द्वारा वर्क आर्डर के शर्तों के अनुरूप कर्मियों को एचपीसी रेट प्रदान नहीं किया जा रहा है जिसके खिलाफ उर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने कुसमुंडा जीएम को ज्ञापन सौंपा है मांग पूरी नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है ।

एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना में मेसर्स नारायणी संस प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा ओबी का कार्य किया जा रहा है जिसके खिलाफ ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने शिकायत की है शिकायत में कहा गया है कि कंपनी वर्क आर्डर में उल्लेखित शर्त के अनुरूप खदान में कार्यरत सभी ठेका मजदूरों को नियमानुसार एचपीसी रेट प्रदान नहीं कर रहा है कंपनी में कार्यरत लगभग 55 से 60 मजदूरों को एचपीसी रेट प्रदान नहीं करते हुए प्रथम चार माह 350 रुपए दैनिक मजदूरी जिसके उपरांत सात माह 420 रुपए एवं वर्तमान में 427 रुपए बैंक खाते में प्रदान कर रहा है यह दर समान कार्य करने वाले मजदूरों के लिए समान नहीं है ।

संगठन के केंद्रीय उपाध्यक्ष बृजेश श्रीवास ने आरोप लगाया है कि कंपनी में कार्य करने वाले निजी ठेका मजदूरों ने एचपीसी रेट की मांग की उसे कार्य से बाहर निकाल दिया गया जिसके कारण ठेका मजदूर काम से निकाल देने के भय से निर्धारित दर से कम मजदूरी में काम करने मजबूर हैं शिकायत नहीं कर पा रहे हैं उन्होंने बताया कि खदान में कार्य करने वाले अधिकांश हेल्परों को इस वर्ष टोपी भी उपलब्ध नहीं कराया गया है मजदूरों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरती जा रही है इस मामले में प्रबंधन को गंभीरता दिखाते हुए उचित कार्यवाही की मांग की गई है ।

ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के केंद्रीय उपाध्यक्ष बृजेश श्रीवास केंद्रीय कोर कमेटी सदस्य प्रताप सिंह कंवर एवं नारायणी कंपनी के मजदूर शामिल थे ।

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