शुक्रवार, जून 14, 2024
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केंद्र-राज्य की सरकारें किसानों को अपनी सियासी दांवपेच में उलझा कर केवल राजनीति कर रहे हैं: छत्तीसगढ़ किसान महासभा

संयोजन समिति की बैठक में बारदाना का मुद्दा गरमाया, लिए गए कई निर्णय

रायपुर (पब्लिक फोरम)। गत दिवस छत्तीसगढ़ किसान महासभा संयोजन समिति की बैठक बंगोली में संयोजक नरोत्तम शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में एक दिसम्बर से राज्य में धान खरीदी शुरू हो चुकी है, परन्तु सभी धान खरीदी केन्द्र में अभी भी बारदाना की कमी बताई जा रही है। बारदाना ब्यवस्था अभी 25℅ बाद में संकट बढ़ने पर 100℅ बारदाना किसानों को ही लाना होगा। प्रति बारदाना रू.15/- की दर से बाद में किसानों को भुगतान किया जाएगा। सभी जानते हैं बाजार में अभी से ही रू.35/- में एक बारदाना की कीमत है, जो मांग बढ़ने पर और अधिक कीमत पर किसानों को बारदाना खरीदना होगा।

धान बेचना किसानों की मजबूरी है, इसी का सरकारें फायदा उठा रही है। छत्तीसगढ़ किसान महासभा का मानना है कि केन्द्र-राज्य की सरकारें किसानों को अपनी सियासी दांव पेंच के खेल में उलझा कर परेशान कर रहीं हैं। ऐसा बेहुदा खेल तत्काल बंद होऔर पूरा बारदाना सरकार द्वारा उपलब्ध किया जाना चाहिए। दूसरी बात पिछले साल बारदाना संकट बढ़ने पर ज्यादा कीमत में बारदाना खरीद कर ब्यवस्था कर धान बेचा गया था, उसका भी अब तक किसानों को पैसा नहीं मिला है।

इस स्थिति में छत्तीसगढ़ किसान महासभा धान खरीदी हेतु पर्याप्त मात्रा में बारदाना ब्यवस्था करने तथा पिछले साल के बारदाना का भुगतान बाजार दर पर तुरंत करने की मांग लेकर किसानों के बीच एक दिसम्बर से हस्ताक्षर अभियान चलाकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार, एसडीएम एवं कलेक्टर को सौंपा जाएगा। फिर भी बारदाना ब्यवस्था नहीं होने पर किसानों के सहयोग से उग्र आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में बिसहत कुर्रे, पुष्कर नायक, डा.खंझन रात्रे, धनेष वर्मा, पवन आडिल, धर्मेंद्र बैरागी, केशव साहू विशेष रूप में उपस्थित थे।

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